यूपी लोक सेवा आयोग ने प्रतियोगी परीक्षाओ की कॉपी ऑनलाइन सुरखित रखने के लिए किया स्टीमेट तैयार, जल्दी शुरू होगी सुविधा

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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कॉपियां ऑनलाइन सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है, लेकिन इसमें काफी रकम खर्च होनी है। इसके लिए आयोग को बजट की जरूरत है। आयोग ने सरकारी एजेंसी यूपी डेस्को के माध्यम से स्टीमेट तैयार करा लिया है। जल्द ही स्टीमेट शासन को भेजा जाएगा। सबुकछ ठीक रहा तो शासन स्तर से बजट लागू होते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। हालांकि, यह काफी बड़ा कार्य है और इसके लिए आयोग को किसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपनी होगी।

पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में पीसीएस एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कॉपियां नष्ट किए जाने के बाद काफी विवाद हुआ। प्रतियोगी लगातार आरोप लगाते रहे कि आयोग मुख्य परीक्षा की कॉपियों को नष्ट कर परीक्षा में हुई धांधली से संबंधित सुबूतों को मिटा रहा है। इस मुद्दे पर प्रदेश भर में आंदोलन भी हुआ। प्रतियोगियों ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी उठाई।

मामला इतना गंभीर था किस प्रदेश सरकार को सीबीआई जांच के आदेश जारी करने पड़े। मुख्य परीक्षा की कॉपियों में भी गड़बड़ी होती है, यह बात तब खुलकर सामने आई जब पीसीएस मुख्य परीक्षा-2015 में शामिल एक प्रतियोगी छात्रा की कॉपी ही बदल दी गई। गनीमत थी कि उस वक्त संबंधित परीक्षा की कॉपियों को नष्ट नहीं किया गया था और जांच में गड़बड़ी सामने आ गई। अगर उस परीक्षा की कॉपियों को भी नष्ट कर दिया गया होता तो यह मामला भी कभी सामने नहीं आता।

प्रतियोगी के बीच आयोग की छवि लगातार खराब होती गई। आयोग अब अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रहा है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन और आयोग में नए अफसरों के कार्यभार संभालने के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन्हीं में एक निर्णय यह भी है कि मुख्य परीक्षा की कॉपियों को स्कैन कराकर ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाए।

ऐसे में अगर मूल कॉपियों को नष्ट भी कर दिया जाता है तो कॉपियां ऑनलाइन पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी और किसी भी तरह शिकायत पर आसानी से जांच की जा सकेगी। इसके लिए आयोग ने सरकारी एजेंसी यूपी डेस्को को स्टीमेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। एजेंसी ने स्टीमेट आयोग को सौंप दिया है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि स्टीमेट मिल गया है। जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा।

किसी एजेंसी को दी जा सकती है जिम्मेदारी

हर साल आयोग की पीसीएस एवं अन्य परीक्षाओं में लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में आयोग को लाखों कॉपियों की स्कैनिंग की व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद इन्हें ऑनलाइन अपलोड करना होगा और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी। यह प्रक्रिया आसान नहीं है। इसके लिए आयोग को अलग से सर्वर स्थापित करना होगा। आयोग के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वह खुद यह काम कर सके। ऐसे में माना जा रहा है कि कॉपियों को डिजिटली सुरक्षित रखने के लिए आयोग किसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंप सकता है।

नई परीक्षाओं से लागू होगी व्यवस्था

आयोग नई परीक्षाओं की कॉपियों को ऑनलाइन सुरक्षित रखे जाने की व्यवस्था लागू करेगा, जो परीक्षाएं हो चुकी हैं और अंतिम परिणाम भी घोषित किया जा चुका है, उनकी कॉपियां स्कैन नहीं होगी। माना जा रहा है कि पीसीएस-2016 की परीक्षा की कॉपियों से इसकी शुरुआत की जा सकती है।

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